Monday, 20 February 2017

हवा-हवाई

                                                               
                                                                               हवा-हवाई


अवन्तिका-अर्जुन
क्या यार अर्जुन कभी तो टाइम पे आया करो।हमेशा लेट करते हो।पता है मैं कित्ते देर से वेट कर रही हूँ।
क्या करूँ तेरे शहर का ट्रैफिक तुझसे मिलने से रोक रहा था मुझे।वो तो प्यार है तेरा जो खिंच लाया हमें।
चल झूठे!! वैसे ये बाइक किस की चुरा लाये।
तू भूल गयी तेरे शहर में मेरी भी कुछ औकात है।बाइक क्या चीज है बोल तो फोर व्हीलर लेते आयूँ।
रहने दो अलबेले अर्जुन!! वैसे भी आज मेरे पास कुछ और ही प्लान है।
और वो क्या है ड्रामेबाज अवन्तिका?
पहले तुम बाइक रख के आओ फिर बताती हूँ।
ड्रामा मत कर और चल जल्दी वैसे भी मेरे पास टाइम नहीं है।शाम को मेरी ट्रेन है।
प्लीज अर्जुन मेरी बात मान लो।
पहले प्लान बता क्या है तेरा प्लान मैं भी तो जानु।
मुझे तुम्हारे साथ हवा-हवाई में सफ़र करना है।
हाहाहाअच्छा वो क्यों?
मुझे पता था तुम मुझ पे हँसोगे।लेकिन सीरियसली यार मुझे तुम्हारे साथ हवा-हवाई पे सफ़र करना है।
पर क्यों?
क्योंकि मुझे ये बहुत रोमॅंटिक लगता है।पता है मुझे कितना जलन होता है जब मैं किसी को बाँहों में बाँह डाले इसमे सफ़र करते हुए देखती हूँ तो।आज मुझे भी इस शहर को जलाना है।देखो कितना राजशाही वाला सवारी लगता है ये बिल्कुल रथ की तरह।
प्लीज यार अवनि ड्रामा मत कर मेरी बात मान चल बैठ चलते है।वैसे भी मुझे जोरों की भूख लग रही है।
भुख्खड़ चिन्ता मत करो लायी हूँ मैं तुम्हारी मन पसंद चीज़ बना के।पर खिलाऊँगी हवा-हवाई पे ही अपने हाँथों से।
भक्क् पागल क्या कहेंगे बे लोग देख के।
अच्छा!!! तुम कब से लोगों की चिंता करने लगे।
अच्छा छोड़ वो और चल अब बहुत हुआ।
नहीं अर्जुन मैं नहीं चल सकती इस फटफटीए पर तुम्हारे साथ। या तो तुम इस फटफटीए को रख के आओ या मैं घर जा रही हूँ।
मतलब नहीं मनेगी तू मेरा बात।
आज तो बिल्कुल नहीं।अच्छा मैं तुम्हे लॉजिकली समझाती हूँ। तुम बाइक चलाओगे और तुम्हारा पूरा ध्यान रोड पे होगा और मेरा पूरा ध्यान इसपे की मेरा सर तुम्हारे हैमलेट से न टकराये।
अच्छा!! ये बात है फिर?
मैं ये चाहती हूँ की आज हमदोनो का पूरा ध्यान एक दूसरे के ऊपर हो।पता नहीं तुम फिर मेरे शहर आओगे या नहीं इसलिए जो भी हमारे पास पाँच छे घन्टे है मैं उन्हें यादगार बना देना चाहती हूँ। एक ऐसा पल जिसे न कभी मैं भूल पाऊँ न तुम।
अच्छा चल एक काम करते है पहले मेरे दोस्त के रूम पे चलते है उसको बाइक वापस कर फिर चलेंगे तेरे हवा-हवाई के रोमांटिक सफ़र पे।
थैंक्यू थैंक्यू थैंक्यू अर्जुन लव यू यार। चलो चलो अब जल्दी चलो मुझे ढेर सारी बातें करनी है।
हाहाहा चल ड्रामेबाज।
अरुण यादव